तारासेतुTarasetu
भाव · 12वाँ भाव

व्यय भाव Vyaya Bhāva(Twelfth house — release, foreign lands and moksha)

विवरण
पुरुषार्थmoksha
वर्गीकरणdusthana
कारकशनि Śani

व्यय और विसर्जन, निद्रा और शयन का सुख, विदेश-निवास और दूरस्थ भूमियाँ, अस्पताल, आश्रम और एकांत के स्थान, एकांतवास, दान, वह हानि जो मुक्ति दे जाती है, और मोक्ष — अंतिम मुक्ति। वैदिक द्वादश भाव चक्र को पूर्ण करता है: अन्य भाव जो कुछ संचित करते हैं, यह भाव सिखाता है कि उसे सुंदरता से कैसे खर्च किया जाए और अंत में कैसे त्याग दिया जाए। यहाँ बैठे ग्रह परदे के पीछे, विदेश में, या भीतर की गहराई में कार्य करते हैं।

स्रोतBPHS, Chs. 11–23PhaladeepikaParāśari tradition

ग्रह · Each graha in the 12वाँ भाव

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण