तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 22 of 27 · 10°00′–23°20′ Makara

श्रवण Śravaṇa(Shravana)

विवरण

विवरण
विस्तार10°00′–23°20′ Makara
स्वामीचन्द्र Candra
देवताविष्णु, सर्वव्यापी — जिनके तीन पग इस प्रतीक में याद किए जाते हैं
प्रतीकएक कान; तीन पदचिह्न
गणdeva
स्वभावचर स्वभाव — ग्रहणशील — सुनने की कला ही यहाँ की शक्ति है।

श्रवण राशिचक्र का कान है: सुनकर सीखना, ज्ञान को सहेजना और आगे बढ़ाना, तथा दूर-दूर के लोगों और परंपराओं को जोड़ना। ये जातक राशिचक्र के विद्यार्थी, शिक्षक और प्रसारक होते हैं — अक्सर सच्ची प्रसिद्धि तक पहुँचते हैं — और इनकी समझ हर बार गहरी होती है जब ये सहज सीमा से एक पल अधिक ध्यान से सुनते हैं।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1मेष नवांश (मंगल): सक्रिय श्रोता — ज्ञान को तुरंत निर्णायक उपयोग में लाया जाता है।
2वृषभ नवांश (शुक्र): संग्रहकर्ता — सीखे हुए को सहेजना, व्यवस्थित करना और मूल्यवान बनाना।
3मिथुन नवांश (बुध): प्रसारक — सुनना यहाँ शिक्षण, मीडिया और जुड़ाव में बदल जाता है।
4कर्क नवांश (चंद्र): सहानुभूतिपूर्ण कान — सुनना यहाँ देखभाल, परामर्श और अपनेपन का रूप लेता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण