तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 21 of 27 · 26°40′ Dhanu – 10°00′ Makara

उत्तर आषाढ़ा Uttara Āṣāḍhā(Uttara Ashadha)

विवरण

विवरण
विस्तार26°40′ Dhanu – 10°00′ Makara
स्वामीसूर्य Sūrya
देवताविश्वेदेवा — सार्वभौम देवगण
प्रतीकहाथी का दाँत; विजय-मंच के तख्ते
गणmanushya
स्वभावस्थिर और टिकाऊ स्वभाव — बाद वाली विजय, वह जो स्थायी होती है।

उत्तराषाढ़ा वह अडिग शिखर है जिसे कदम-दर-कदम पाया जाता है: सत्यनिष्ठा, सार्वभौम सिद्धांत, और ऐसी उपलब्धियाँ जो इसलिए टिकती हैं क्योंकि वे सही ढंग से बनाई गई थीं। ये जातक धीरे शुरू करते हैं और स्थायी रूप से पूरा करते हैं — ऐसे नेता जिनकी बात पत्थर की तरह अटल होती है — और जैसा इनके सार्वभौम देवता संकेत देते हैं, इनका सर्वश्रेष्ठ कार्य व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को सबके हित के साथ जोड़ता है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1धनु नवांश (गुरु): नैतिक दूरदर्शी — जहाँ विजय की परिभाषा सबसे पहले सिद्धांत तय करता है।
2मकर नवांश (शनि): शिखर-निर्माता — धैर्यवान, संरचनात्मक, स्थायी उपलब्धि।
3कुंभ नवांश (शनि): लोकसेवक — समष्टि के लिए समर्पित टिकाऊ कार्य।
4मीन नवांश (गुरु): विनम्र विजेता — सफलता जो अंततः किसी बड़े उद्देश्य को अर्पित कर दी जाती है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण