तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 23 of 27 · 23°20′ Makara – 6°40′ Kumbha

धनिष्ठा Dhaniṣṭhā(Dhanishtha)

विवरण

विवरण
विस्तार23°20′ Makara – 6°40′ Kumbha
स्वामीमङ्गल Maṅgala
देवताआठ वसु, प्रकाश और समृद्धि के देवता
प्रतीकएक डमरू; एक बांसुरी
गणrakshasa
स्वभावचर और लयबद्ध स्वभाव — धन और संगीत एक ही ताल साझा करते हैं।

धनिष्ठा, यानी 'सबसे धनी' और 'सबसे यशस्वी', राशिचक्र का ढोल है: लय, समय-बोध, संगीत और समूहों को समृद्धि की दिशा में संचालित करने की कुशलता। ये जातक वहाँ उत्कृष्ट होते हैं जहाँ लय मायने रखती है — प्रदर्शन, बाज़ार, टीमें — और इनका खोखला-ढोल प्रतीक इनका गहनतम पाठ सिखाता है: प्रतिध्वनि के लिए एक खुला, अनासक्त केंद्र आवश्यक है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1सिंह नवांश (सूर्य): मंचीय सितारा — पूरे प्रदर्शन में लय और नेतृत्व दोनों झलकते हैं।
2कन्या नवांश (बुध): सूक्ष्मता का खिलाड़ी — कला और समय दोनों में तकनीकी दक्षता।
3तुला नवांश (शुक्र): समूह-नेता — सामंजस्य, सहयोग और साझा सफलता।
4वृश्चिक नवांश (मंगल): तीव्र कलाकार — समूह की शक्ति गहन प्रेरणा के साथ प्रवाहित होती है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण