तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 24 of 27 · 6°40′–20°00′ Kumbha

शतभिषा Śatabhiṣā(Shatabhisha)

विवरण

विवरण
विस्तार6°40′–20°00′ Kumbha
स्वामीराहु Rāhu
देवतावरुण, ब्रह्मांडीय नियम और गहरे जल के रक्षक
प्रतीकएक खाली वृत्त; सौ वैद्य या सौ तारे
गणrakshasa
स्वभावचर और आवृत स्वभाव — वह चिकित्सक जो वृत्त की आड़ में काम करता है।

शतभिषा, अर्थात 'सौ चिकित्सक', विशाल तंत्रों और गुप्त औषधि का नक्षत्र है: ये जातक वह देख लेते हैं जो बड़ी संरचनाएँ — शरीर, समाज, नेटवर्क — छिपाए रखती हैं, और ये बड़े पैमाने पर उपचार करते हैं। एकांत इन्हें अलग-थलग नहीं करता, बल्कि पुनर्जीवित करता है; इनका वृत्त-प्रतीक एक सुरक्षित आंतरिक स्थान दर्शाता है जहाँ से असाधारण रूप से मौलिक, यहाँ तक कि दूरदर्शी, कार्य उभरता है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1धनु नवांश (गुरु): दार्शनिक चिकित्सक — निदान बड़े सत्य के मार्गदर्शन से होता है।
2मकर नवांश (शनि): तंत्र-चिकित्सक — अनुशासन का प्रयोग संरचनात्मक सुधार में।
3कुंभ नवांश (शनि): शुद्ध वैज्ञानिक — वर्गोत्तम-सी गहराई वाली मौलिकता और शोध।
4मीन नवांश (गुरु): रहस्यमय चिकित्सक — अंतर्ज्ञान वहीं से आगे बढ़ता है जहाँ विश्लेषण रुकता है।
शतभिषा नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · शतभिषा का 27 नक्षत्रों से मिलान

शतभिषा का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र शतभिषा; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शतभिषा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
शतभिषा का स्वामी राहु (Rāhu) है। यह 27 में से 24वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 6°40′–20°00′ Kumbha तक।
शतभिषा नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: वरुण, ब्रह्मांडीय नियम और गहरे जल के रक्षक। प्रतीक: एक खाली वृत्त; सौ वैद्य या सौ तारे।
शतभिषा नक्षत्र का गण क्या है?
शतभिषा rakshasa गण का नक्षत्र है। स्वभाव: चर और आवृत स्वभाव — वह चिकित्सक जो वृत्त की आड़ में काम करता है।।
शतभिषा नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: गो (Go), सा (Sa), सी (Si), सू (Su)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण