तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 7 of 27 · 20°00′ Mithuna – 3°20′ Karka

पुनर्वसु Punarvasu

विवरण

विवरण
विस्तार20°00′ Mithuna – 3°20′ Karka
स्वामीबृहस्पति Bṛhaspati
देवताअदिति, देवताओं की असीम माता
प्रतीकबाणों से भरा तरकश; विश्राम को लौटा हुआ धनुष
गणdeva
स्वभावचर स्वभाव, कल्याणकारी — वह प्रकाश जो जाता है पर विश्वासपूर्वक लौट आता है।

पुनर्वसु का अर्थ है 'फिर से अच्छा' — तूफान के बाद प्रकाश की वापसी। इस नक्षत्र में जन्मे लोग एक अटूट लचीलापन लेकर आते हैं: वे बाण खो सकते हैं और उसे फिर पा सकते हैं, घर छोड़ सकते हैं और उसे फिर से पा सकते हैं, असफल हो सकते हैं और फिर सीख के साथ नए सिरे से शुरुआत कर सकते हैं। उदारता, आशावाद और सिखाने की सहज कला इस 'दूसरे मौकों के नक्षत्र' की पहचान है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1मेष नवांश (मंगल): लौटता हुआ योद्धा — हर असफलता के बाद फिर से जागता साहस।
2वृषभ नवांश (शुक्र): पुनर्स्थापना का साकार रूप — आराम, धन और स्थिरता का पुनर्निर्माण।
3मिथुन नवांश (बुध): वापसी की कहानी कहने वाला — शब्दों और विचारों से बाँटी गई समझ।
4कर्क नवांश (चंद्रमा): घर वापसी का साक्षात रूप — वर्गोत्तम-शक्ति संपन्न पालन-पोषण और गहरी भावनात्मक समझ।
पुनर्वसु नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · पुनर्वसु का 27 नक्षत्रों से मिलान

पुनर्वसु का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र पुनर्वसु; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
पुनर्वसु का स्वामी बृहस्पति (Bṛhaspati) है। यह 27 में से 7वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 20°00′ Mithuna – 3°20′ Karka तक।
पुनर्वसु नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: अदिति, देवताओं की असीम माता। प्रतीक: बाणों से भरा तरकश; विश्राम को लौटा हुआ धनुष।
पुनर्वसु नक्षत्र का गण क्या है?
पुनर्वसु deva गण का नक्षत्र है। स्वभाव: चर स्वभाव, कल्याणकारी — वह प्रकाश जो जाता है पर विश्वासपूर्वक लौट आता है।।
पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: के (Ke), को (Ko), हा (Ha), ही (Hi)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण