तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 8 of 27 · 3°20′–16°40′ Karka

पुष्य Puṣya(Pushya)

विवरण

विवरण
विस्तार3°20′–16°40′ Karka
स्वामीशनि Śani
देवताबृहस्पति, देवताओं के पुरोहित और गुरु
प्रतीकगाय का थन; कमल; पोषण का घेरा
गणdeva
स्वभावलघु और क्षिप्र स्वभाव — पारंपरिक रूप से सभी नक्षत्रों में वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना गया।

पुष्य का अर्थ है 'पोषण देने वाला': परंपरा इसे सभी नक्षत्रों में सबसे शुभ मानती है, जहाँ जो भी बीज बोया जाए, वह पोषित होकर फलता-फूलता है। इस नक्षत्र के जातक स्वाभाविक पालनहार, सलाहकार और अपने समुदाय के मूक स्तंभ होते हैं — शनि का स्वामित्व चंद्र-राशि की उष्णता में कर्तव्य और टिकाऊपन जोड़ता है, जिससे ऐसी देखभाल जन्म लेती है जिस पर दशकों तक भरोसा किया जा सके।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1सिंह नवांश (सूर्य): गरिमामय पोषणकर्ता — अधिकार और हृदय के साथ दिया गया पोषण।
2कन्या नवांश (बुध): उपचारक-सेवक — कौशल, बारीकी और सेवा से व्यक्त की गई देखभाल।
3तुला नवांश (शुक्र): कृपालु आतिथेय — साझेदारी, न्यायसंगतता और सौंदर्य से पोषण।
4वृश्चिक नवांश (मंगल): उग्र संरक्षक — कोमल बाहरी रूप के नीचे रक्षात्मक गहराई।
पुष्य नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · पुष्य का 27 नक्षत्रों से मिलान

पुष्य का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र पुष्य; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुष्य नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
पुष्य का स्वामी शनि (Śani) है। यह 27 में से 8वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 3°20′–16°40′ Karka तक।
पुष्य नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: बृहस्पति, देवताओं के पुरोहित और गुरु। प्रतीक: गाय का थन; कमल; पोषण का घेरा।
पुष्य नक्षत्र का गण क्या है?
पुष्य deva गण का नक्षत्र है। स्वभाव: लघु और क्षिप्र स्वभाव — पारंपरिक रूप से सभी नक्षत्रों में वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना गया।।
पुष्य नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: हु (Hu), हे (He), हो (Ho), डा (Da)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण