तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 5 of 27 · 23°20′ Vṛṣabha – 6°40′ Mithuna

मृगशिरा Mṛgaśirā(Mrigashira)

विवरण

विवरण
विस्तार23°20′ Vṛṣabha – 6°40′ Mithuna
स्वामीमङ्गल Maṅgala
देवतासोम, जीवन के अमृत रूप में चंद्रमा
प्रतीकएक हिरण का सिर
गणdeva
स्वभावकोमल और मृदु — एक जिज्ञासु, खोजी हलकापन।

मृगशिरा हिरण की खोज है — सुंदर, सत्य और अभी तक न मिली चीज़ की आजीवन, कोमल तलाश। इस नक्षत्र के जातक विचारों के खोजी और यात्री होते हैं — सबसे सुंदर ढंग से बेचैन — और तब खिलते हैं जब उनकी इस खोज का सम्मान किया जाता है, न कि इसे अनिर्णय समझा जाता है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1सिंह नवांश (सूर्य): आत्मविश्वासी अन्वेषक — खोज रचनात्मक आत्म-अभिव्यक्ति बन जाती है।
2कन्या नवांश (बुध): शोधकर्ता — खोज व्यवस्थित, विश्लेषणात्मक और सूक्ष्म बन जाती है।
3तुला नवांश (शुक्र): संबंधों के माध्यम से खोज — सौंदर्य, संवाद और साझा खोज।
4वृश्चिक नवांश (मंगल): खोजी शिकारी — जो छिपा है उसकी गहन जाँच-पड़ताल।
मृगशिरा नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · मृगशिरा का 27 नक्षत्रों से मिलान

मृगशिरा का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र मृगशिरा; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
मृगशिरा का स्वामी मङ्गल (Maṅgala) है। यह 27 में से 5वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 23°20′ Vṛṣabha – 6°40′ Mithuna तक।
मृगशिरा नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: सोम, जीवन के अमृत रूप में चंद्रमा। प्रतीक: एक हिरण का सिर।
मृगशिरा नक्षत्र का गण क्या है?
मृगशिरा deva गण का नक्षत्र है। स्वभाव: कोमल और मृदु — एक जिज्ञासु, खोजी हलकापन।।
मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: वे (Ve), वो (Vo), का (Ka), की (Ki)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण