तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 14 of 27 · 23°20′ Kanyā – 6°40′ Tulā

चित्रा Citrā(Chitra)

विवरण

विवरण
विस्तार23°20′ Kanyā – 6°40′ Tulā
स्वामीमङ्गल Maṅgala
देवतात्वष्टृ (विश्वकर्मा) — दिव्य वास्तुकार और आकृतियों के रचयिता
प्रतीकएक चमकता हुआ रत्न; तेजस्वी तारा स्पाइका
गणrakshasa
स्वभावकोमल फिर भी दीप्तिमान (मृदु) — चीज़ों को सुंदर और उत्तम बनाने की प्रेरणा।

चित्रा, 'तेजस्वी', वास्तुकार का तारा है — डिज़ाइन, संरचना, शैली और सुघड़ता से बनी चीज़ों का आकर्षण। इस नक्षत्र के जातक कलाकार की दृष्टि को इंजीनियर के हाथों के साथ जोड़ते हैं और शायद ही कभी 'ठीक-ठाक' से संतुष्ट होते हैं; इनका मार्ग है — चमक के भीतर वास्तविक गहराई वाली रचनाएँ, और स्वयं का भी, निर्माण करना।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1सिंह नवांश (सूर्य): हस्ताक्षरित रचनाकार — साहसिक, निजी पहचान वाली रचना।
2कन्या नवांश (बुध): कुशल तकनीकविद् — बारीकी और तकनीक में पूर्णता।
3तुला नवांश (शुक्र): संतुलन साधने वाला डिज़ाइनर — अनुपात, सौंदर्य और सामाजिक सुरुचि।
4वृश्चिक नवांश (मंगल): तीव्र दूरदर्शी — ऐसी रचनाएँ जो अपने रचयिता को भी बदल देती हैं।
चित्रा नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · चित्रा का 27 नक्षत्रों से मिलान

चित्रा का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र चित्रा; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चित्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
चित्रा का स्वामी मङ्गल (Maṅgala) है। यह 27 में से 14वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 23°20′ Kanyā – 6°40′ Tulā तक।
चित्रा नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: त्वष्टृ (विश्वकर्मा) — दिव्य वास्तुकार और आकृतियों के रचयिता। प्रतीक: एक चमकता हुआ रत्न; तेजस्वी तारा स्पाइका।
चित्रा नक्षत्र का गण क्या है?
चित्रा rakshasa गण का नक्षत्र है। स्वभाव: कोमल फिर भी दीप्तिमान (मृदु) — चीज़ों को सुंदर और उत्तम बनाने की प्रेरणा।।
चित्रा नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: पे (Pe), पो (Po), रा (Ra), री (Ri)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण