तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 15 of 27 · 6°40′–20°00′ Tulā

स्वाती Svātī(Swati)

विवरण

विवरण
विस्तार6°40′–20°00′ Tulā
स्वामीराहु Rāhu
देवतावायु — पवन और श्वास के देवता
प्रतीकहवा में लहराता एक कोमल अंकुर
गणdeva
स्वभावचर और अनुकूलनशील — लचीलेपन में निहित शक्ति, जैसे हवा में बाँस।

स्वाति, 'स्वयं गतिशील', स्वतंत्र चेतना का प्रतीक है — इस नक्षत्र के जातक बिना टूटे झुकते हैं, अपनी जड़ खोए बिना ढल जाते हैं, और सामान्यतः अपना जीवन — और अक्सर धन भी, क्योंकि यह व्यापार का तारा है — अपने ही परिश्रम से खड़ा करते हैं। स्वतंत्रता इनके लिए प्राणवायु है; इनकी कला है जुड़े रहते हुए भी स्पष्टतः अपने आप बने रहना।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1धनु नवांश (गुरु): स्वतंत्र विचारक — अर्थ और सत्य की खोज में स्वाधीनता।
2मकर नवांश (शनि): स्वनिर्मित निर्माता — स्वायत्तता जो अनुशासित उद्यम में बदल जाती है।
3कुंभ नवांश (शनि): जुड़ा हुआ व्यक्तिवादी — समुदायों और बाज़ारों के भीतर बरती गई स्वतंत्रता।
4मीन नवांश (गुरु): भ्रमणशील मुनि — लचीलापन जो सहज ज्ञान में परिपक्व होता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण