तारासेतुTarasetu
दशा · Vimśottarī 5 of 9 · 7 वर्ष

मङ्गल महादशा Maṅgala mahādaśā

विवरण
अवधि7 वर्ष
स्वामीमङ्गल Maṅgala

दशा के विषय

सात साल उत्साह और गति के: साहस, प्रतिस्पर्धा, संपत्ति और भूमि से जुड़े मामले, भाई-बहन, तकनीकी कौशल और शारीरिक ऊर्जा का उभार। जिन कामों के लिए संघर्ष चाहिए — या किसी ठोस निर्माण की ज़रूरत हो — वे इसी दौर में पूरे होते हैं।

स्वामी की स्थिति के अनुसार

बलवान मंगल (मेष, वृश्चिक, मकर राशि में, या उपचय भावों में) इस अवधि को जीत में बदल देता है: साहस से मिली तरक्की, संपत्ति की प्राप्ति, फिटनेस के शिखर। पीड़ित मंगल गर्मी में चलता है — जल्दबाज़ी, टकराव, जलन जैसी अनुभूतियाँ — पर इसका असली उपाय है सच्चा जुड़ाव: इस दौर को एक योग्य प्रतिद्वंद्वी या भारी परियोजना चाहिए, और अगर वह मिल जाए तो यही सात साल घड़ी के सबसे उत्पादक वर्ष बन सकते हैं।

स्रोतBPHS, Chs. 46–49Phaladeepika (daśā)Parāśari tradition

अंतर्दशा · अंतर्दशा कैसे पढ़ें

किसी अंतर्दशा को समझने का तरीका: महादशा का स्वामी अध्याय तय करता है, अंतर्दशा का स्वामी वर्तमान पृष्ठ लिखता है, और प्रत्यंतर्दशा का स्वामी उस पैराग्राफ को। यही तर्क हर स्तर पर, नीचे तक, लागू होता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण