तारासेतुTarasetu
दशा · Vimśottarī 4 of 9 · 10 वर्ष

चन्द्र महादशा Candra mahādaśā

विवरण
अवधि10 वर्ष
स्वामीचन्द्र Candra

दशा के विषय

ये दस साल मन की ही चाल से चलते हैं: घर, माँ और परिवार से जुड़े विषय, भावनात्मक ज़रूरतें, लोकप्रियता और जनसमूह से जुड़ाव, जल-यात्राएँ (चाहे शाब्दिक हों या प्रतीकात्मक) — भीतर की दुनिया एजेंडा तय करती है, और बाहर की ज़िंदगी उसी के पीछे-पीछे चलती है।

स्वामी की स्थिति के अनुसार

एक तेजस्वी, बलवान चंद्रमा (शुक्ल पक्ष का, वृषभ/कर्क राशि में, शुभ ग्रहों के साथ) इस दशक को स्नेह और प्रवाह से भर देता है — देखभाल मिलती भी है और दी भी जाती है, लोगों का प्यार मिलता है, नई शुरुआतें फलदायी होती हैं। पीड़ित चंद्रमा हो तो भावनाओं को संतुलित रखना ही इस दौर का असली काम बन जाता है — नियमित दिनचर्या, पर्याप्त विश्राम और भरोसेमंद संगति कोई हल्की सलाह नहीं बल्कि असली उपाय हैं; कुंडलियों में बार-बार यही देखा जाता है कि यह दशा उसे फल देती है जो अपने मन को बगीचे की तरह सींचता है।

स्रोतBPHS, Chs. 46–49Phaladeepika (daśā)Parāśari tradition

अंतर्दशा · अंतर्दशा कैसे पढ़ें

किसी अंतर्दशा को समझने का तरीका: महादशा का स्वामी अध्याय तय करता है, अंतर्दशा का स्वामी वर्तमान पृष्ठ लिखता है, और प्रत्यंतर्दशा का स्वामी उस पैराग्राफ को। यही तर्क हर स्तर पर, नीचे तक, लागू होता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण