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एकादशी · एकादशी

एकादशी 2026: सभी व्रत तिथियाँ

2026 में 24 एकादशी व्रत हैं (स्मार्त, नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार): षटतिला 14 जनवरी, जया 29 जनवरी, विजया 13 फ़रवरी, आमलकी 27 फ़रवरी, पापमोचनी 15 मार्च, कामदा 29 मार्च, वरूथिनी 13 अप्रैल, मोहिनी 27 अप्रैल, अपरा 13 मई, पद्मिनी 27 मई, परमा 11 जून, निर्जला 25 जून, योगिनी 10 जुलाई, देवशयनी 25 जुलाई, कामिका 9 अगस्त, श्रावण पुत्रदा 23 अगस्त, अजा 7 सितंबर, पार्श्व 22 सितंबर, इन्दिरा 6 अक्टूबर, पापांकुशा 22 अक्टूबर, रमा 5 नवंबर, देवउठनी 20 नवंबर, उत्पन्ना 4 दिसंबर, मोक्षदा 20 दिसंबर। 2026 में अधिक मास है, इसलिए पद्मिनी (27 मई) और परमा (11 जून) भी हैं।

नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार · स्मार्त नियम · समय IST में

व्रत (नई दिल्ली)एकादशीपारण (नई दिल्ली)
बुधवार14 जनवरीषटतिला एकादशीपौष (अमांत) / माघ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 15:18 13 जनवरी → 17:53 14 जनवरी15 जनवरी07:15–09:21
गुरुवार29 जनवरीजया एकादशीमाघ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 16:37 28 जनवरी → 13:56 29 जनवरी30 जनवरी07:10–09:20
शुक्रवार13 फ़रवरीविजया एकादशीमाघ (अमांत) / फाल्गुन (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 12:23 12 फ़रवरी → 14:26 13 फ़रवरी14 फ़रवरी07:00–09:14
शुक्रवार27 फ़रवरीआमलकी एकादशीफाल्गुन · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 00:34 27 फ़रवरी → 22:33 27 फ़रवरी28 फ़रवरी06:48–09:06
रविवार15 मार्चपापमोचनी एकादशीफाल्गुन (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 08:11 14 मार्च → 09:17 15 मार्च16 मार्च06:30–08:54
रविवार29 मार्चकामदा एकादशीचैत्र · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 08:46 28 मार्च → 07:47 29 मार्च30 मार्च06:14–07:10द्वादशी समाप्त होने से पहले।
सोमवार13 अप्रैलवरूथिनी एकादशीचैत्र (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 01:17 13 अप्रैल → 01:09 14 अप्रैल14 अप्रैल06:55–08:31हरि वासर समाप्त होने के बाद।
सोमवार27 अप्रैलमोहिनी एकादशीवैशाख · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 18:07 26 अप्रैल → 18:16 27 अप्रैल28 अप्रैल05:43–08:21
बुधवार13 मईअपरा एकादशीवैशाख (अमांत) / ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 14:53 12 मई → 13:30 13 मई14 मई05:31–08:14
बुधवार27 मईपद्मिनी एकादशीअधिक ज्येष्ठ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 05:11 26 मई → 06:22 27 मईएकादशी दो सूर्योदयों पर है; स्मार्त व्रत दूसरे दिन।28 मई05:25–07:57द्वादशी समाप्त होने से पहले।
गुरुवार11 जूनपरमा एकादशीअधिक ज्येष्ठ · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 00:58 11 जून → 22:37 11 जून12 जून05:23–08:10
गुरुवार25 जूननिर्जला एकादशीज्येष्ठ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 18:13 24 जून → 20:10 25 जून26 जून05:25–08:13
शुक्रवार10 जुलाईयोगिनी एकादशीज्येष्ठ (अमांत) / आषाढ़ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 08:17 10 जुलाई → 05:23 11 जुलाईएकादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय); व्रत उसी दिन जब वह चलती है।11 जुलाई13:50–16:36हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)।
शनिवार25 जुलाईदेवशयनी एकादशीआषाढ़ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 09:13 24 जुलाई → 11:35 25 जुलाई26 जुलाई05:39–08:22
रविवार9 अगस्तकामिका एकादशीआषाढ़ (अमांत) / श्रावण (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 14:00 8 अगस्त → 11:05 9 अगस्त10 अगस्त05:48–08:01द्वादशी समाप्त होने से पहले।
रविवार23 अगस्तश्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 02:01 23 अगस्त → 04:19 24 अगस्त24 अगस्त13:41–16:16हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)।
सोमवार7 सितंबरअजा एकादशीश्रावण (अमांत) / भाद्रपद (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 19:30 6 सितंबर → 17:05 7 सितंबर8 सितंबर06:03–08:33
मंगलवार22 सितंबरपार्श्व एकादशीभाद्रपद · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 20:01 21 सितंबर → 21:44 22 सितंबर23 सितंबर06:10–08:35
मंगलवार6 अक्टूबरइन्दिरा एकादशीभाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 02:08 6 अक्टूबर → 00:35 7 अक्टूबर7 अक्टूबर06:17–08:38
गुरुवार22 अक्टूबरपापांकुशा एकादशीआश्विन · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 14:12 21 अक्टूबर → 14:49 22 अक्टूबर23 अक्टूबर06:27–08:42
गुरुवार5 नवंबररमा एकादशीआश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 11:04 4 नवंबर → 10:36 5 नवंबर6 नवंबर06:37–08:48
शुक्रवार20 नवंबरदेवउठनी एकादशीकार्तिक · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 07:16 20 नवंबर → 06:32 21 नवंबरएकादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय); व्रत उसी दिन जब वह चलती है।21 नवंबर13:10–15:18हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)।
शुक्रवार4 दिसंबरउत्पन्ना एकादशीकार्तिक (अमांत) / मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 23:04 3 दिसंबर → 23:45 4 दिसंबर5 दिसंबर06:59–09:04
रविवार20 दिसंबरमोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 22:10 19 दिसंबर → 20:15 20 दिसंबर21 दिसंबर07:09–09:13
प्रमाण · दिन कैसे तय होता है

तिथि सूर्य-चंद्र के निरयण अंतर से (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी) सेकंड तक गणना की जाती है; व्रत का दिन स्मार्त नियम से: जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी हो। दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन; किसी पर न हो तो वह दिन जब वह चलती है; और यदि अगले सूर्योदय पर द्वादशी न बचे तो एक दिन पहले। सूर्योदय शहर पर निर्भर है, इसलिए दिन भी — यहाँ नई दिल्ली का है। हमने मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ और जयपुर के लिए भी गणना की: यहाँ दी गई हर एकादशी वहाँ भी उसी दिन पड़ती है। 2026 और 2027 की सभी 49 तिथियाँ दृक् पंचांग (नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई) से मेल खाती हैं; तिथि के आरंभ-अंत के हमारे समय 1–2 मिनट बाद आते हैं, क्योंकि दृक् का चंद्रमा नासा JPL से लगभग 30″ आगे है और हमारा 2″ के भीतर। पारण अगले दिन द्वादशी के भीतर होता है, पर हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) में नहीं: प्रातःकाल (दिन का पहला पाँचवाँ भाग) में; यदि हरि वासर प्रातःकाल तक चले तो मध्याह्न छोड़कर अपराह्न (चौथा पाँचवाँ भाग) में। 2026-27 की 48 पारण-अवधियाँ दृक् पंचांग से 1 मिनट के भीतर मिलती हैं। वैष्णव/इस्कॉन परंपरा (दशमी-वेध, अरुणोदय) कभी-कभी एक दिन बाद व्रत रखती है; वह यहाँ नहीं है।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2026 में कितनी एकादशी हैं?
2026 में 24 एकादशी व्रत हैं (स्मार्त, नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार): षटतिला 14 जनवरी, जया 29 जनवरी, विजया 13 फ़रवरी, आमलकी 27 फ़रवरी, पापमोचनी 15 मार्च, कामदा 29 मार्च, वरूथिनी 13 अप्रैल, मोहिनी 27 अप्रैल, अपरा 13 मई, पद्मिनी 27 मई, परमा 11 जून, निर्जला 25 जून, योगिनी 10 जुलाई, देवशयनी 25 जुलाई, कामिका 9 अगस्त, श्रावण पुत्रदा 23 अगस्त, अजा 7 सितंबर, पार्श्व 22 सितंबर, इन्दिरा 6 अक्टूबर, पापांकुशा 22 अक्टूबर, रमा 5 नवंबर, देवउठनी 20 नवंबर, उत्पन्ना 4 दिसंबर, मोक्षदा 20 दिसंबर। 2026 में अधिक मास है, इसलिए पद्मिनी (27 मई) और परमा (11 जून) भी हैं।
2026 में निर्जला एकादशी कब है?
गुरुवार, 25 जून 2026 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 24 जून 18:13 IST से 25 जून 20:10 IST तक। पारण 26 जून को 05:25 से 08:13 IST के बीच।
2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
शनिवार, 25 जुलाई 2026 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — आषाढ़ शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 24 जुलाई 09:13 IST से 25 जुलाई 11:35 IST तक। पारण 26 जुलाई को 05:39 से 08:22 IST के बीच।
2026 में देवउठनी एकादशी कब है?
शुक्रवार, 20 नवंबर 2026 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — कार्तिक शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 20 नवंबर 07:16 IST से 21 नवंबर 06:32 IST तक। पारण 21 नवंबर को 13:10 से 15:18 IST के बीच।
2026 में मोक्षदा एकादशी कब है?
रविवार, 20 दिसंबर 2026 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 19 दिसंबर 22:10 IST से 20 दिसंबर 20:15 IST तक। पारण 21 दिसंबर को 07:09 से 09:13 IST के बीच।
एकादशी व्रत कब खोलें (पारण का समय)?
अगले दिन, द्वादशी तिथि के भीतर, और हरि वासर — द्वादशी का पहला चौथाई भाग — बीत जाने के बाद। सबसे उत्तम प्रातःकाल (सूर्योदय के बाद दिन का पहला पाँचवाँ भाग) है; मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता, इसलिए जब हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है तो पारण अपराह्न में होता है। ऊपर की तालिका में हर एकादशी का पारण नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार दिया है; आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
क्या एकादशी की तिथि शहर पर निर्भर करती है?
हाँ, क्योंकि व्रत का दिन सूर्योदय पर चल रही तिथि से तय होता है। जब एकादशी सूर्योदय से कुछ ही मिनट पहले या बाद शुरू या समाप्त होती है, तो पूर्व और पश्चिम भारत में दिन अलग हो सकता है। यहाँ की तिथियाँ नई दिल्ली की हैं, और हमने सात और बड़े शहरों के लिए भी जाँच की।
स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
स्मार्त सूर्योदय पर एकादशी देखते हैं। वैष्णव (इस्कॉन सहित) अरुणोदय — सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले — पर दशमी हो तो उस दिन को छोड़कर अगले दिन व्रत रखते हैं। इसलिए कुछ वर्षों में दोनों के व्रत एक दिन के अंतर पर पड़ते हैं। यह पृष्ठ स्मार्त तिथियाँ देता है।