एकादशी 2027: सभी व्रत तिथियाँ
2027 में 25 एकादशी व्रत हैं (स्मार्त, नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार): सफला 3 जनवरी, पौष पुत्रदा 18 जनवरी, षटतिला 2 फ़रवरी, जया 17 फ़रवरी, विजया 4 मार्च, आमलकी 18 मार्च, पापमोचनी 2 अप्रैल, कामदा 17 अप्रैल, वरूथिनी 2 मई, मोहिनी 16 मई, अपरा 1 जून, निर्जला 14 जून, योगिनी 30 जून, देवशयनी 14 जुलाई, कामिका 29 जुलाई, श्रावण पुत्रदा 12 अगस्त, अजा 28 अगस्त, पार्श्व 11 सितंबर, इन्दिरा 26 सितंबर, पापांकुशा 11 अक्टूबर, रमा 25 अक्टूबर, देवउठनी 10 नवंबर, उत्पन्ना 24 नवंबर, मोक्षदा 9 दिसंबर, सफला 23 दिसंबर।
नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार · स्मार्त नियम · समय IST में
| व्रत (नई दिल्ली) | एकादशी | एकादशी तिथि (IST) | पारण (नई दिल्ली) |
|---|---|---|---|
| रविवार3 जनवरी | सफला एकादशीमार्गशीर्ष (अमांत) / पौष (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 14:25 2 जनवरी → 16:09 3 जनवरी | 4 जनवरी07:15–09:19 | |
| सोमवार18 जनवरी | पौष पुत्रदा एकादशीपौष · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 10:28 18 जनवरी → 07:50 19 जनवरीद्वादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (त्रिस्पर्शा), इसलिए व्रत एक दिन पहले, ताकि पारण द्वादशी में हो। | 19 जनवरी13:35–15:42हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| मंगलवार2 फ़रवरी | षटतिला एकादशीपौष (अमांत) / माघ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 08:42 1 फ़रवरी → 11:11 2 फ़रवरी | 3 फ़रवरी07:08–09:19 | |
| बुधवार17 फ़रवरी | जया एकादशीमाघ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 20:20 16 फ़रवरी → 17:32 17 फ़रवरी | 18 फ़रवरी06:57–09:12 | |
| गुरुवार4 मार्च | विजया एकादशीमाघ (अमांत) / फाल्गुन (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 04:45 3 मार्च → 07:25 4 मार्चएकादशी दो सूर्योदयों पर है; स्मार्त व्रत दूसरे दिन। | 5 मार्च06:43–09:03 | |
| गुरुवार18 मार्च | आमलकी एकादशीफाल्गुन · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 04:22 18 मार्च → 01:52 19 मार्च | 19 मार्च07:13–08:52हरि वासर समाप्त होने के बाद। | |
| शुक्रवार2 अप्रैल | पापमोचनी एकादशीफाल्गुन (अमांत) / चैत्र (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 00:46 2 अप्रैल → 02:52 3 अप्रैल | 3 अप्रैल13:40–16:10हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| शनिवार17 अप्रैल | कामदा एकादशीचैत्र · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 11:22 16 अप्रैल → 09:28 17 अप्रैल | 18 अप्रैल05:53–07:43द्वादशी समाप्त होने से पहले। | |
| रविवार2 मई | वरूथिनी एकादशीचैत्र (अमांत) / वैशाख (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 18:54 1 मई → 19:52 2 मई | 3 मई05:39–08:19 | |
| रविवार16 मई | मोहिनी एकादशीवैशाख · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 18:18 15 मई → 17:14 16 मई | 17 मई05:30–08:13 | |
| मंगलवार1 जून | अपरा एकादशीवैशाख (अमांत) / ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 10:03 31 मई → 09:40 1 जून | 2 जून05:24–08:10 | |
| सोमवार14 जून | निर्जला एकादशीज्येष्ठ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 02:13 14 जून → 02:08 15 जून | 15 जून13:45–16:33हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| बुधवार30 जून | योगिनी एकादशीज्येष्ठ (अमांत) / आषाढ़ (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 22:05 29 जून → 20:31 30 जून | 1 जुलाई05:27–08:14 | |
| बुधवार14 जुलाई | देवशयनी एकादशीआषाढ़ · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 12:09 13 जुलाई → 13:11 14 जुलाई | 15 जुलाई05:33–08:19 | |
| गुरुवार29 जुलाई | कामिका एकादशीआषाढ़ (अमांत) / श्रावण (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 07:35 29 जुलाई → 05:13 30 जुलाईएकादशी किसी सूर्योदय को नहीं छूती (क्षय); व्रत उसी दिन जब वह चलती है। | 30 जुलाई13:49–16:31हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| गुरुवार12 अगस्त | श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 00:59 12 अगस्त → 03:00 13 अगस्त | 13 अगस्त13:45–16:24हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| शनिवार28 अगस्त | अजा एकादशीश्रावण (अमांत) / भाद्रपद (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 15:26 27 अगस्त → 12:43 28 अगस्त | 29 अगस्त05:57–08:31 | |
| शनिवार11 सितंबर | पार्श्व एकादशीभाद्रपद · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 17:01 10 सितंबर → 19:37 11 सितंबर | 12 सितंबर06:04–08:34 | |
| रविवार26 सितंबर | इन्दिरा एकादशीभाद्रपद (अमांत) / आश्विन (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 22:31 25 सितंबर → 19:50 26 सितंबर | 27 सितंबर06:12–08:36 | |
| सोमवार11 अक्टूबर | पापांकुशा एकादशीआश्विन · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 11:41 10 अक्टूबर → 14:09 11 अक्टूबर | 12 अक्टूबर06:20–08:39 | |
| सोमवार25 अक्टूबर | रमा एकादशीआश्विन (अमांत) / कार्तिक (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 05:41 25 अक्टूबर → 03:23 26 अक्टूबर | 26 अक्टूबर13:12–15:27हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| बुधवार10 नवंबर | देवउठनी एकादशीकार्तिक · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 07:35 9 नवंबर → 09:12 10 नवंबर | 11 नवंबर06:40–08:50 | |
| बुधवार24 नवंबर | उत्पन्ना एकादशीकार्तिक (अमांत) / मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 13:45 23 नवंबर → 12:12 24 नवंबर | 25 नवंबर06:51–08:58 | |
| गुरुवार9 दिसंबर | मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष · शुक्ल पक्षएकादशी तिथि: 02:59 9 दिसंबर → 03:20 10 दिसंबर | 10 दिसंबर13:16–15:20हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है, इसलिए पारण दोपहर बाद (अपराह्न)। | |
| गुरुवार23 दिसंबर | सफला एकादशीमार्गशीर्ष (अमांत) / पौष (पूर्णिमांत) · कृष्ण पक्षएकादशी तिथि: 23:41 22 दिसंबर → 23:12 23 दिसंबर | 24 दिसंबर07:11–09:15 |
तिथि सूर्य-चंद्र के निरयण अंतर से (स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिड़ी) सेकंड तक गणना की जाती है; व्रत का दिन स्मार्त नियम से: जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी हो। दो सूर्योदयों पर हो तो दूसरा दिन; किसी पर न हो तो वह दिन जब वह चलती है; और यदि अगले सूर्योदय पर द्वादशी न बचे तो एक दिन पहले। सूर्योदय शहर पर निर्भर है, इसलिए दिन भी — यहाँ नई दिल्ली का है। हमने मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ और जयपुर के लिए भी गणना की: यहाँ दी गई हर एकादशी वहाँ भी उसी दिन पड़ती है। 2026 और 2027 की सभी 49 तिथियाँ दृक् पंचांग (नई दिल्ली, कोलकाता, मुंबई) से मेल खाती हैं; तिथि के आरंभ-अंत के हमारे समय 1–2 मिनट बाद आते हैं, क्योंकि दृक् का चंद्रमा नासा JPL से लगभग 30″ आगे है और हमारा 2″ के भीतर। पारण अगले दिन द्वादशी के भीतर होता है, पर हरि वासर (द्वादशी का पहला चौथाई भाग) में नहीं: प्रातःकाल (दिन का पहला पाँचवाँ भाग) में; यदि हरि वासर प्रातःकाल तक चले तो मध्याह्न छोड़कर अपराह्न (चौथा पाँचवाँ भाग) में। 2026-27 की 48 पारण-अवधियाँ दृक् पंचांग से 1 मिनट के भीतर मिलती हैं। वैष्णव/इस्कॉन परंपरा (दशमी-वेध, अरुणोदय) कभी-कभी एक दिन बाद व्रत रखती है; वह यहाँ नहीं है।
- 2027 में कितनी एकादशी हैं?
- 2027 में 25 एकादशी व्रत हैं (स्मार्त, नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार): सफला 3 जनवरी, पौष पुत्रदा 18 जनवरी, षटतिला 2 फ़रवरी, जया 17 फ़रवरी, विजया 4 मार्च, आमलकी 18 मार्च, पापमोचनी 2 अप्रैल, कामदा 17 अप्रैल, वरूथिनी 2 मई, मोहिनी 16 मई, अपरा 1 जून, निर्जला 14 जून, योगिनी 30 जून, देवशयनी 14 जुलाई, कामिका 29 जुलाई, श्रावण पुत्रदा 12 अगस्त, अजा 28 अगस्त, पार्श्व 11 सितंबर, इन्दिरा 26 सितंबर, पापांकुशा 11 अक्टूबर, रमा 25 अक्टूबर, देवउठनी 10 नवंबर, उत्पन्ना 24 नवंबर, मोक्षदा 9 दिसंबर, सफला 23 दिसंबर।
- 2027 में निर्जला एकादशी कब है?
- सोमवार, 14 जून 2027 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 14 जून 02:13 IST से 15 जून 02:08 IST तक। पारण 15 जून को 13:45 से 16:33 IST के बीच।
- 2027 में देवशयनी एकादशी कब है?
- बुधवार, 14 जुलाई 2027 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — आषाढ़ शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 13 जुलाई 12:09 IST से 14 जुलाई 13:11 IST तक। पारण 15 जुलाई को 05:33 से 08:19 IST के बीच।
- 2027 में देवउठनी एकादशी कब है?
- बुधवार, 10 नवंबर 2027 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — कार्तिक शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 9 नवंबर 07:35 IST से 10 नवंबर 09:12 IST तक। पारण 11 नवंबर को 06:40 से 08:50 IST के बीच।
- 2027 में मोक्षदा एकादशी कब है?
- गुरुवार, 9 दिसंबर 2027 को (स्मार्त, नई दिल्ली) — मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष। एकादशी तिथि 9 दिसंबर 02:59 IST से 10 दिसंबर 03:20 IST तक। पारण 10 दिसंबर को 13:16 से 15:20 IST के बीच।
- एकादशी व्रत कब खोलें (पारण का समय)?
- अगले दिन, द्वादशी तिथि के भीतर, और हरि वासर — द्वादशी का पहला चौथाई भाग — बीत जाने के बाद। सबसे उत्तम प्रातःकाल (सूर्योदय के बाद दिन का पहला पाँचवाँ भाग) है; मध्याह्न में पारण नहीं किया जाता, इसलिए जब हरि वासर प्रातःकाल तक चलता है तो पारण अपराह्न में होता है। ऊपर की तालिका में हर एकादशी का पारण नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार दिया है; आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है।
- क्या एकादशी की तिथि शहर पर निर्भर करती है?
- हाँ, क्योंकि व्रत का दिन सूर्योदय पर चल रही तिथि से तय होता है। जब एकादशी सूर्योदय से कुछ ही मिनट पहले या बाद शुरू या समाप्त होती है, तो पूर्व और पश्चिम भारत में दिन अलग हो सकता है। यहाँ की तिथियाँ नई दिल्ली की हैं, और हमने सात और बड़े शहरों के लिए भी जाँच की।
- स्मार्त और वैष्णव एकादशी में क्या अंतर है?
- स्मार्त सूर्योदय पर एकादशी देखते हैं। वैष्णव (इस्कॉन सहित) अरुणोदय — सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले — पर दशमी हो तो उस दिन को छोड़कर अगले दिन व्रत रखते हैं। इसलिए कुछ वर्षों में दोनों के व्रत एक दिन के अंतर पर पड़ते हैं। यह पृष्ठ स्मार्त तिथियाँ देता है।