तारासेतुTarasetu
नक्षत्र मिलान · पूर्व भाद्रपदा और उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र अनुकूलता

पूर्व भाद्रपदा Pūrva Bhādrapadā & उत्तर भाद्रपदा Uttara Bhādrapadā

पहला व्यक्ति (कन्या पक्ष): पूर्व भाद्रपदा Pūrva Bhādrapadā · दूसरा व्यक्ति (वर पक्ष): उत्तर भाद्रपदा Uttara Bhādrapadā

शास्त्रीय तालिकाएँ कन्या पक्ष से वर पक्ष की ओर पढ़ी जाती हैं — क्रम का बस यही कारण है।

सामान्य गुण मिलान अंक

22.5/ 36

21-27.5: शास्त्रीय पाठ में अच्छा मेल; जो कूट कम हैं, वे बताते हैं कि सीखने का काम कहाँ होगा।

पद-भेद · पद के अनुसार अंक में बदलाव

कम-से-कम एक नक्षत्र राशि की सीमा पर है, इसलिए ठीक पद के अनुसार राशि बदल जाती है और कुल अंक 22.5 से 33 तक जाता है। नीचे हर 4×4 पद-संयोजन का वास्तविक अंक है — इसीलिए एक ही अंक नहीं दिखाया गया।

पद के अनुसार अंक में बदलाव
व्यक्ति 1 का पदव्यक्ति 2 का पद → 1व्यक्ति 2 का पद → 2व्यक्ति 2 का पद → 3व्यक्ति 2 का पद → 4
122.522.522.522.5
222.522.522.522.5
322.522.522.522.5
433333333

मोटा अंक = सबसे सामान्य मान

अष्टकूट · आठ कूट का विवरण
आठ कूट का विवरण
कूटव्यक्ति 1व्यक्ति 2अंकक्या मापता है
वर्ण VarṇaShudraBrahmin1/1चंद्र राशि के तत्व से बना स्वभाव-वर्ग का एक अंक — आज इसे अहं और कार्यशैली के तालमेल के रूप में पढ़ा जाता है, सामाजिक जाति के रूप में कभी नहीं।
वश्य VaśyaManavaJalachara0.5/2आपसी खिंचाव और प्रभाव के दो अंक: कौन किसे सहज ही अपनी ओर खींचता है, और नियंत्रण की डोर दोनों के बीच कितनी बराबर है।
तारा TārāParama_mitraSampat3/3दोनों जन्म नक्षत्रों के परस्पर 'तारा-बल' के तीन अंक: हर नक्षत्र दूसरे से गिनकर नौ ताराओं के चक्र में पढ़ा जाता है — साझा कल्याण और एक-दूसरे के भाग्य-स्वास्थ्य पर प्रभाव के रूप में।
योनि YoniSimhaGau1/4सहज, शारीरिक और अंतरंग तालमेल के चार अंक — हर जन्म नक्षत्र के पशु-प्रतीक से; चौदह योनियाँ समता, मित्रता, तटस्थता और वैर के संबंधों में।
ग्रह मैत्री Graha MaitrīSaturnJupiter3/5मानसिक और भावनात्मक तालमेल के पाँच अंक: दोनों चंद्र राशियों के स्वामियों की नैसर्गिक मैत्री — जब कोई प्रयास नहीं कर रहा होता, तब दोनों मन कैसे जुड़ते हैं।
गण GaṇaManushyaManushya6/6स्वभाव के छह अंक: हर जन्म नक्षत्र देव (सामंजस्यप्रिय), मनुष्य (व्यावहारिक) या राक्षस (तीव्र, मुखर) गण का है — ये ऊर्जा-शैली के नाम हैं, नैतिक निर्णय नहीं।
भकूट BhakūṭaKumbhaMīna0/7जोड़े के रोज़मर्रा भावनात्मक मौसम के सात अंक: दोनों चंद्र राशियों की परस्पर दूरी — साझा विकास, समृद्धि और पारिवारिक सामंजस्य के लिए पढ़ी जाती है।
नाड़ी NāḍīAdiMadhya8/8आठ अंक — सबसे भारी कूट — शारीरिक प्रकृति के तालमेल के: हर नक्षत्र आदि (वात), मध्य (पित्त) या अंत्य (कफ) नाड़ी का है, जिसे परंपरा स्वास्थ्य और संतान से जोड़ती है।

कुल: 22.5/36 · Muhūrta CintāmaṇiMuhurta traditionBPHS, Ch. 3

दोष · दोष — सदा परिहार के साथ

भकूट दोष

चंद्र राशियाँ 2/12, 5/9 या 6/8 संबंध में हों: भकूट के सातों अंक एक साथ शून्य हो जाते हैं — इसीलिए काग़ज़ पर यह दोष उससे बुरा दिखता है जितना परंपरा वास्तव में इसे मानती है।

उपस्थित है, और इन कुंडलियों में कोई शास्त्रीय परिहार लागू नहीं होता। परंपरा इसे सजगता का क्षेत्र पढ़ती है — फ़ैसला कभी नहीं।

Muhūrta CintāmaṇiMuhurta traditionBPHS, Ch. 3

सीमा · यह पेज क्या नहीं दिखाता

यह केवल नक्षत्र-आधारित तुलना है — इसमें कभी जन्म समय, लग्न या मंगल की स्थिति नहीं थी, इसलिए मंगल (कुज) दोष यहाँ नहीं दिखाया जा सकता (उसके लिए पूरी कुंडली से मंगल चाहिए)। पूरा ज्योतिष-पाठ हमेशा पूरी कुंडली तौलता है, सिर्फ़ दो चंद्रमा नहीं — यह परंपरा का अपना मानक है, हमारा कोई शॉर्टकट नहीं।

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प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या पूर्व भाद्रपदा और उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र विवाह के लिए अच्छी जोड़ी है?
इनका सामान्य गुण मिलान अंक 22.5/36 है — 21-27.5: शास्त्रीय पाठ में अच्छा मेल; जो कूट कम हैं, वे बताते हैं कि सीखने का काम कहाँ होगा। शास्त्रीय तालिका में यह अंक कई कसौटियों में से एक है; पूरी कुंडलियाँ, दशाएँ और नीचे बताए गए दोष-परिहार भी उतने ही मायने रखते हैं।
अगर नाड़ी या भकूट दोष हो तो?
शास्त्र दोष के साथ उसके परिहार भी परिभाषित करते हैं — नीचे "दोष" खंड में देखें कि इस जोड़ी के लिए कौन-से परिहार लागू होते हैं। परिहार लागू हो तो दोष शास्त्रतः कट जाता है; न हो तो भी यह किसी व्यक्ति की खोट नहीं, बस सजगता का क्षेत्र है — कोई शास्त्र इससे विवाह पर रोक नहीं लगाता।
क्या अंक पूर्व भाद्रपदा या उत्तर भाद्रपदा के पद के अनुसार बदलता है?
हाँ — इनमें से कम-से-कम एक नक्षत्र राशि की सीमा पर है, इसलिए ठीक पद के अनुसार कुल अंक 22.5 से 33/36 तक जाता है। सबसे सामान्य मान 22.5/36 है, पर सटीक जन्म-कुंडली से ही असली मान पता चलता है — ऊपर पद-सारणी देखें।
पूर्व भाद्रपदा और उत्तर भाद्रपदा के लिए मंगल दोष का क्या?
यह केवल नक्षत्र-आधारित तुलना है — इसमें कभी जन्म समय, लग्न या मंगल की स्थिति नहीं थी, इसलिए मंगल (कुज) दोष यहाँ नहीं दिखाया जा सकता (उसके लिए पूरी कुंडली से मंगल चाहिए)। पूरा ज्योतिष-पाठ हमेशा पूरी कुंडली तौलता है, सिर्फ़ दो चंद्रमा नहीं — यह परंपरा का अपना मानक है, हमारा कोई शॉर्टकट नहीं।

प्रमाण