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पुनर्वसु · पुनर्वसु नक्षत्र · शिशु नाम

पुनर्वसु नक्षत्र शिशु नाम

नामकरण परंपरा में शिशु के नाम का पहला अक्षर उसके ठीक जन्म-नक्षत्र पद (चरण) से तय होता है। पुनर्वसु नक्षत्र में जन्मे शिशु के लिए यह प्रारंभिक ध्वनि चार में से एक होती है — Ke, Ko, Ha, Hi — यह इस पर निर्भर करता है कि चंद्रमा किस पद में था।

चारों पद (चरण) और उनका नाम-अक्षर
पद (चरण)प्रारंभिक ध्वनिदेवनागरी
1Keके
2Koको
3Haहा
4Hiही

Nāmakaraṇa (naming) tradition

नाम · पद के अनुसार शिशु नाम

हर पद की ध्वनि से शुरू होने वाले प्रचलित नाम, अर्थ सहित। अक्षर ऊपर दी गई शास्त्रीय तालिका से है; नाम नहीं — ये रोज़मर्रा के प्रचलित नाम हैं, जिन्हें हमने चुना है, और पहले अक्षर के बाद नाम हमेशा आपकी पसंद है।

पद (चरण) 1 · के Ke

नामकिसके लिएअर्थ
केशव Keshavलड़काभगवान कृष्ण
केदार Kedarलड़काभगवान शिव
केतन Ketanलड़काध्वजा
केतकी Ketakiलड़कीसुगंधित पुष्प
केसर Kesarलड़कीकेसर
केया Keyaलड़कीवर्षा ऋतु का फूल

पद (चरण) 2 · को Ko

नामकिसके लिएअर्थ
कोमल Komalलड़कीकोमल, मृदु
कोकिला Kokilaलड़कीकोयल

पद (चरण) 3 · हा Ha

नामकिसके लिएअर्थ
हार्दिक Hardikलड़काहृदय से
हासिनी Hasiniलड़कीमुस्कुराने वाली

पद (चरण) 4 · ही Hi

नामकिसके लिएअर्थ
हीरालाल Hiralalलड़काहीरा, बहुमूल्य रत्न
हीरा Heeraलड़कीहीरा
हिमांशु Himanshu*लड़काचंद्रमा
हितेश Hitesh*लड़काहितैषी, भलाई करने वाला
हिमानी Himani*लड़कीहिम, देवी पार्वती
हिया Hiya*लड़कीहृदय

* उसी ध्वनि का छोटा/बड़ा स्वर

प्रमाण · यह कहाँ से आता है

यह शास्त्रीय नाम-अक्षर तालिका है, जो मुहूर्त और पंचांग परंपरा में उपयोग होती है: सत्ताईस नक्षत्रों के चार-चार पद (कुल 108) में से हर एक की अपनी परंपरागत प्रारंभिक ध्वनि है। नामकरण मुहूर्त ग्रंथों के षोडश संस्कारों में गिना जाता है — यह केवल शुभ ध्वनि तय करता है, पूरा नाम नहीं; पहले अक्षर के बाद बाकी नाम पूरी तरह स्वतंत्र चुनाव है।

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हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुनर्वसु नक्षत्र के लिए अच्छे शिशु नाम क्या हैं?
परंपरा के अनुसार नाम पद की ध्वनि से शुरू होता है: पद 1 — के (जैसे केशव, केदार) · पद 2 — को (जैसे कोमल, कोकिला) · पद 3 — हा (जैसे हार्दिक, हासिनी) · पद 4 — ही (जैसे हीरालाल, हीरा)। ठीक पद जाने बिना कोई एक ध्वनि निश्चित नहीं — पहले जन्म समय से पद जानें।
क्या नामकरण के लिए पद (चरण) मायने रखता है?
हाँ — हर नक्षत्र के 4 पद (चरण) होते हैं (हर एक 3°20' का) और परंपरा में हर पद की अपनी अलग प्रारंभिक ध्वनि है, न कि पूरे नक्षत्र की एक ही ध्वनि। इसलिए एक ही नक्षत्र में जन्मे दो बच्चों के नाम अलग-अलग ध्वनि से शुरू हो सकते हैं, अगर वे अलग पद में जन्मे हों।
क्या नाम इसी ध्वनि से ही शुरू होना ज़रूरी है?
परंपरा केवल पहली ध्वनि तय करती है — बाकी नाम, उसका अर्थ और लंबाई पूरी तरह खुला चुनाव है। कई परिवार इसे एक कोमल दिशा-निर्देश मानते हैं, सख़्त नियम नहीं — यह पेज भी उसे उसी भावना से प्रस्तुत करता है।

प्रमाण