तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 19 of 27 · 0°00′–13°20′ Dhanu

मूल Mūla(Mula)

विवरण

विवरण
विस्तार0°00′–13°20′ Dhanu
स्वामीकेतु Ketu
देवतानिर्ऋति — विनाश और विसर्जन की देवी, जो नई वृद्धि से पहले भूमि को साफ़ करती हैं
प्रतीकजड़ों का बंधा हुआ गुच्छा; एक अंकुश (हाथी को हांकने का साधन)
गणrakshasa
स्वभावतीक्ष्ण स्वभाव — 'तीक्ष्ण' यहाँ अपने मूल अर्थ में है: जड़ तक जाने वाला।

मूल का अर्थ है 'जड़': ये जातक जन्मजात खोजी होते हैं, जिन्हें हर चीज़ की तह तक जाना ही होता है — चिकित्सा, दर्शन, शोध, उपचार — और जो एक ही मौसम में वह उखाड़ सकते हैं जिसे बाकी लोग दशकों तक थामे रहते हैं। मूल को लेकर आम भय दरअसल एक गलतफहमी है: शास्त्र इसे आत्मा के नींव-कार्य के रूप में वर्णित करते हैं, और इसका विसर्जन हमेशा मज़बूत वृद्धि के लिए ज़मीन तैयार करता है। इसकी शुरुआती अंश गंडांत की दहलीज़ को छूती हैं — एक गहरा पड़ाव, पूरी तरह संभालने योग्य, कभी कोई अंतिम फैसला नहीं।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1मेष नवांश (मंगल): निडर खोदने वाला — मूल कारण की सीधी, साहसी खोज।
2वृषभ नवांश (शुक्र): धैर्यवान उत्खननकर्ता — खोज को विधि और ठोस परिणामों में जड़ना।
3मिथुन नवांश (बुध): जड़-विश्लेषक — शोध, निदान, और जो पाया गया उसे समझाने वाले शब्द।
4कर्क नवांश (चंद्र): उपचारक जड़ — भावनात्मक और पैतृक मरम्मत की सेवा में की गई खोज।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण