तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 10 of 27 · 0°00′–13°20′ Siṃha

मघा Maghā(Magha)

विवरण

विवरण
विस्तार0°00′–13°20′ Siṃha
स्वामीकेतु Ketu
देवतापितृगण — सम्मानित पूर्वज
प्रतीकएक राजसिंहासन; एक पालकी
गणrakshasa
स्वभावउग्र और राजसी — ऐसा अधिकार जो वंश-परंपरा और अर्जित सम्मान की नींव पर टिका होता है।

मघा, यानी 'शक्तिशाली', अपने जातकों को पूर्वजों के सिंहासन पर बिठाता है — स्वाभाविक गरिमा, नेतृत्व-क्षमता और वंश, परंपरा तथा पूर्वजों से एक गहरा जुड़ाव। ये लोग सम्मान और औपचारिकता से जुड़ी भूमिकाओं में खिल उठते हैं; इनकी सबसे गहरी शक्ति तब प्रकट होती है जब ये सिंहासन पर सिर्फ बैठे रहने के बजाय वंश-परंपरा को आगे ले जाने में लगते हैं — मार्गदर्शन देकर, अपनी जड़ों का सम्मान करके।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद (चरण)
चारों पद (चरण)
पद (चरण)फल (नवांश के अनुसार)
1मेष नवांश (मंगल): स्थापना करने वाला सम्राट — आगे बढ़कर नींव रखने और नेतृत्व करने का साहस।
2वृषभ नवांश (शुक्र): सुखद बनाया गया सिंहासन — गरिमा जो संरक्षण और उदारता के रूप में प्रकट होती है।
3मिथुन नवांश (बुध): वाक्पटु शासक — वाणी, सलाह और लेखन के माध्यम से अधिकार का संचालन।
4कर्क नवांश (चंद्र): पैतृक हृदय — नेतृत्व यानी अपने लोगों और उनकी स्मृति की देखभाल।
मघा नक्षत्र के लिए शिशु नाम — नामकरण की परंपरागत ध्वनियाँ →
मिलान · मघा का 27 नक्षत्रों से मिलान

मघा का 27 नक्षत्रों से मिलान

कन्या का नक्षत्र मघा; वर का नक्षत्र नीचे। उल्टे क्रम में अंक अलग हो सकता है। सामान्य गुण मिलान अंक, 36 में से।

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मघा नक्षत्र का स्वामी ग्रह कौन है?
मघा का स्वामी केतु (Ketu) है। यह 27 में से 10वाँ नक्षत्र है, सिडेरियल राशिचक्र में 0°00′–13°20′ Siṃha तक।
मघा नक्षत्र के देवता और प्रतीक क्या हैं?
देवता: पितृगण — सम्मानित पूर्वज। प्रतीक: एक राजसिंहासन; एक पालकी।
मघा नक्षत्र का गण क्या है?
मघा rakshasa गण का नक्षत्र है। स्वभाव: उग्र और राजसी — ऐसा अधिकार जो वंश-परंपरा और अर्जित सम्मान की नींव पर टिका होता है।।
मघा नक्षत्र में जन्मे शिशु के नाम की ध्वनियाँ क्या हैं?
नामकरण की परंपरागत तालिका के अनुसार, पद 1-4 की नाम-ध्वनियाँ: मा (Ma), मी (Mi), मू (Mu), मे (Me)। सटीक पद जन्म कुंडली से मिलता है।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण