उत्तर भारतीय बनाम दक्षिण भारतीय कुंडली: एक आकाश, दो चित्र
उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय कुंडली में डेटा बिल्कुल एक ही होता है — फ़र्क़ सिर्फ़ चित्र-शैली का है। उत्तर भारतीय (रोम्बस) शैली में भाव स्थिर हैं: ऊपर का रोम्बस सदा पहला भाव है और राशियों के अंक उसमें घूमते हैं। दक्षिण भारतीय (ग्रिड) शैली में राशियाँ स्थिर हैं: बारहों ख़ाने सदा वही राशि रहते हैं, लग्न तिरछी रेखा से चिह्नित होता है और भाव वहाँ से घड़ी की दिशा में गिने जाते हैं। कोई शैली अधिक सही नहीं; फल एक ही रहता है।
योजनाबद्ध उदाहरण: लग्न मेष (1), सूर्य वृषभ (दूसरा भाव), चंद्र कर्क (चौथा भाव)।
यह वर्ग, उसके दोनों विकर्ण और भीतर घुमाया वर्ग मिलाकर 12 क्षेत्र बनाता है। ऊपर का मध्य रोम्बस सदा पहला भाव (लग्न) है; भाव घड़ी की उलटी दिशा में चलते हैं। हर क्षेत्र में लिखा अंक वह राशि है जो इस कुंडली में उस भाव में आई है — अंक कुंडली-दर-कुंडली बदलते हैं, भाव अपनी जगह रहते हैं। उत्तर भारत में प्रचलित; भाव-आधारित पाठ इसमें तुरंत दिखता है।
वही उदाहरण दक्षिण भारतीय ग्रिड में: तिरछी रेखा मेष में लग्न दिखाती है।
यह 4×4 ग्रिड है जिसका केंद्र खुला रहता है। हर बाहरी ख़ाना स्थायी रूप से एक राशि है — ऊपर-बाएँ मीन, फिर घड़ी की दिशा में मेष, वृषभ, आगे तक — ख़ानों का अर्थ कभी नहीं बदलता। लग्न उसके ख़ाने में तिरछी रेखा से चिह्नित होता है और भाव वहीं से घड़ी की दिशा में गिने जाते हैं। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र-तेलंगाना में मानक; राशि-आधारित पाठ (उच्च-नीच, वर्गोत्तम) इसमें तुरंत दिखता है।
| पहलू | उत्तर भारतीय | दक्षिण भारतीय |
|---|---|---|
| क्या स्थिर रहता है | भाव (पहला सदा ऊपर) | राशियाँ (हर ख़ाना एक राशि) |
| लग्न कैसे दिखता है | ऊपर का रोम्बस, परिभाषा से | राशि के ख़ाने में तिरछी रेखा |
| गिनती की दिशा | घड़ी के उलटे | घड़ी की दिशा में |
| राशि-अंक लिखे जाते हैं? | हाँ — कुंडली-दर-कुंडली घूमते हैं | नहीं — स्थान से ही राशि तय |
| कहाँ मानक है | उत्तर व पश्चिम भारत | दक्षिण भारत |
- कौन-सी शैली सही है — उत्तर या दक्षिण भारतीय?
- दोनों। ये एक ही डेटा की दो चित्र-परंपराएँ हैं: वही निरयण स्थितियाँ, वही भाव, वही दशाएँ। किसी भी शैली में प्रशिक्षित ज्योतिषी वही कुंडली पढ़ता है; फल में कुछ नहीं बदलता।
- अलग-अलग ऐप में मेरी कुंडली अलग क्यों दिखती है?
- लगभग हमेशा इसलिए कि ऐप की डिफ़ॉल्ट शैली अलग है (उत्तर भारतीय रोम्बस बनाम दक्षिण भारतीय ग्रिड), डेटा अलग नहीं। अगर ग्रहों के अंश भी अलग हों, तो दोनों ऐप का अयनांश देखें।
- हर शैली में लग्न कैसे पहचानें?
- उत्तर भारतीय: लग्न सदा ऊपर का मध्य रोम्बस है — उसमें लिखा राशि-अंक पढ़ें। दक्षिण भारतीय: तिरछी रेखा वाला ख़ाना खोजें (कभी-कभी "La" लिखा होता है); उस ख़ाने की स्थिर राशि ही लग्न है।
- तारासेतु कौन-सी शैली इस्तेमाल करता है?
- तारासेतु कुंडली उत्तर भारतीय शैली में बनाता है — यही उत्पाद की दृश्य पहचान है — जबकि गणना शैली-निरपेक्ष है: निरयण, लाहिरी अयनांश, पूर्ण-राशि भाव, स्विस एफ़ेमेरिस से।