तारासेतुTarasetu
नक्षत्र · Nakshatra 27 of 27 · 16°40′–30°00′ Mīna

रेवती Revatī(Revati)

विवरण

विवरण
विस्तार16°40′–30°00′ Mīna
स्वामीबुध Budha
देवतापूषण — पोषणकर्ता, यात्रियों, मार्गों और खोई हुई वस्तुओं के रक्षक
प्रतीकसमुद्र में तैरती मछली; समय बनाए रखने वाला ढोल
गणdeva
स्वभावमृदु और पूर्ण स्वभाव — यात्रा के अंतिम, आलोकित पड़ाव की सौम्यता।

रेवती, 'वैभवशाली', राशिचक्र को सुरक्षित यात्रा के साथ समाप्त करती है — सभी प्राणियों का पोषण, यात्रियों की सुरक्षा, और किसी कार्य के पूर्ण होने की मिठास। ये जातक स्वभाव से ही मार्गदर्शक और पालनकर्ता होते हैं — चाहे वह लोग हों, पशु हों या परियोजनाएँ — और इनकी समृद्धि उसी स्रोत से बहती है जहाँ से इनकी दयालुता आती है। राशिचक्र की अंतिम अंश-रेखाएँ गंडांत की सीमा को छूती हुई अश्विनी में प्रवेश करती हैं — एक ऐसा अंत जो अपने स्वभाव से ही एक नई शुरुआत है।

स्रोतTaittirīya Brāhmaṇa 1.5BPHS, Chs. 46–49BPHS, Ch. 6Nakshatra tradition

पद · चारों पद
चारों पद
पदफल (नवांश के अनुसार)
1धनु नवांश (बृहस्पति): आशावादी मार्गदर्शक — प्रज्ञा जो लोगों को घर तक पहुँचाती है।
2मकर नवांश (शनि): व्यावहारिक रखवाला — देखभाल जो भरोसेमंद प्रावधान में ढल जाती है।
3कुंभ नवांश (शनि): झुंड का रक्षक — पोषण जो पूरे समुदायों तक विस्तृत होता है।
4मीन नवांश (बृहस्पति): सागर अपने में लौट आता है — वर्गोत्तम-गहरी करुणा, गंडांत की सीमा पर पूर्णता और मुक्ति।

हिन्दी पाठ अंग्रेज़ी ज्ञानकोश से मशीन-अनूदित है और ज्योतिषी द्वारा समीक्षा की प्रतीक्षा में है। सिद्धांत और प्रमाण दोनों भाषाओं में एक ही हैं।

प्रमाण