तारासेतुTarasetu
अयनांश · लाहिरी अयनांश

लाहिरी अयनांश: क्या है, और आज का सटीक मान

लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश सायन और निरयण राशिचक्रों के अंतर का आधिकारिक मानक है, जिसे भारत सरकार की पंचांग सुधार समिति ने 1956 में अपनाया। आज इसका मान 24°13′49″ (24.2304°) है, स्विस एफ़ेमेरिस से गणित — तारासेतु की हर कुंडली सायन स्थितियों में से ठीक यही घटाकर निरयण स्थितियाँ निकालती है।

आज: 24°13′49″ · Lahiri (Chitrapaksha) · Swiss Ephemeris

विधि · अयनांश करता क्या है

आधुनिक एफ़ेमेरिस (स्विस एफ़ेमेरिस समेत) ग्रह-स्थितियाँ सायन ढाँचे में देती हैं। निरयण कुंडली बनाने के लिए हर स्थिति में से अयनांश — उस युग से अब तक जमा अयन-चलन, जब दोनों राशिचक्र एक थे — घटाया जाता है। अयनांश बदलते ही हर ग्रह, लग्न और दशाएँ थोड़ी खिसक जाती हैं; इसीलिए यह बताना कि कुंडली किस अयनांश से बनी है, बुनियादी पारदर्शिता है।

लाहिरी राशिचक्र को इस तरह बाँधता है कि चमकीला तारा चित्रा (स्पाइका) ठीक 0° निरयण तुला पर रहे — इससे राशिचक्र का आरंभ-बिंदु 0° मेष उसके ठीक सामने पड़ता है। "चित्रपक्ष" नाम इसी आधार से है। कोलकाता के खगोलविद और समिति-सदस्य निर्मल चंद्र लाहिरी ने यह गणना तैयार कर स्थापित की।

मानक · लाहिरी ही मानक क्यों

पंचांग सुधार समिति (1952–1956, अध्यक्ष: खगोल-भौतिकविद मेघनाद साहा) को भारत के दर्जनों क्षेत्रीय पंचांगों को एक सूत्र में लाना था। समिति की रिपोर्ट ने राष्ट्रीय पंचांग और इंडियन एफ़ेमेरिस के लिए चित्रपक्ष अयनांश तय किया; राष्ट्रीय पंचांग 1957 से इसी पर चलता है। सरकारी पंचांग, अधिकांश प्रकाशित कुंडली-सारणियाँ और बड़े ज्योतिष सॉफ़्टवेयर सब लाहिरी को ही डिफ़ॉल्ट मानते हैं — इसी व्यावहारिक कारण से तारासेतु भी इसे अपनाता है और हर कुंडली पर लिखता है।

मान · मुख्य मान
मुख्य मान
आज का मान (गणित)24°13′49″ (24.2304°)
वार्षिक वृद्धि (अयन-चलन)≈ 50.29″ प्रतिवर्ष
एक पूरा अंश खिसकने में≈ 71.6 वर्ष
राशिचक्र कब एक थेलगभग सन् 285
मानकीकरणपंचांग सुधार समिति, भारत सरकार, 1956
आधारचित्रा (स्पाइका) = 0° निरयण तुला
अन्य · अन्य अयनांश जो आपको दिख सकते हैं

बी.वी. रमन का अयनांश लाहिरी से लगभग 1°25′ पीछे चलता है; कृष्णमूर्ति (KP) लगभग 6′ पीछे; पश्चिमी सिडेरियलिस्टों का फ़ेगन–ब्रैडली लगभग 53′ आगे। दो कुंडलियाँ तभी तुलनीय हैं जब दोनों का अयनांश बताया गया हो — और एक हो। इसीलिए तारासेतु हर कुंडली पर "Sidereal · Lahiri" छापता है।

दोनों राशिचक्रों का पूरा अंतर यहाँ: निरयण बनाम सायन →

प्रश्नोत्तर · अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लाहिरी अयनांश का वर्तमान मान क्या है?
आज 24°13′49″ (24.2304°), स्विस एफ़ेमेरिस से गणित। यह प्रतिवर्ष लगभग 50.29 चाप-सेकंड बढ़ता है; यह पृष्ठ इसे रोज़ दोबारा गिनता है।
अलग-अलग ज्योतिष ऐप ग्रहों के अंश थोड़े अलग क्यों दिखाते हैं?
प्रायः इसलिए कि वे अलग अयनांश (लाहिरी बनाम रमन बनाम KP), अलग एफ़ेमेरिस-परिशुद्धता या अलग भाव-पद्धति इस्तेमाल करते हैं। ऐप-दर-ऐप डेढ़ अंश तक का फ़र्क़ लगभग हमेशा अयनांश के चुनाव से आता है, गणना की भूल से नहीं।
लाहिरी कौन थे?
निर्मल चंद्र लाहिरी (1906–1980) — कोलकाता के खगोलविद व पंचांग-वैज्ञानिक, पंचांग सुधार समिति के सदस्य, और इंडियन एफ़ेमेरिस एवं नॉटिकल अल्मनैक के प्रकाशक। मानक अयनांश उन्हीं के नाम पर है; तकनीकी नाम चित्रपक्ष है।
क्या तारासेतु की AI अयनांश बदल सकती है?
नहीं। अयनांश और सभी स्थितियाँ स्विस एफ़ेमेरिस से नियतात्मक रूप से गिनी जाती हैं। AI परिणाम समझाती है; गणित न करती है, न बदलती है।